छत्तीसगढ़

नक्सली हत्या मामले में बड़ा फैसला, आरोपी पीलूराम को उम्रकैद की सजा

Shantanu Roy
17 Sept 2026 10:10 PM IST
नक्सली हत्या मामले में बड़ा फैसला, आरोपी पीलूराम को उम्रकैद की सजा
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Kanker. कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में ग्रामीण की हत्या के मामले में विशेष अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। भानुप्रतापपुर की एनआईए कोर्ट ने नक्सली आरोपी पीलूराम आंचला उर्फ सालिक राम को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। आरोपी पर वर्ष 2019 में नक्सलियों द्वारा आयोजित जन अदालत में ग्रामीण की हत्या करने वाले समूह में शामिल होने का आरोप था।
घर से अपहरण कर जंगल में की गई थी हत्या
मामला 26 अगस्त 2019 का है। कांकेर जिले के नक्सल प्रभावित कोयलीबेड़ा थाना क्षेत्र के जुगडा गांव में हथियारबंद नक्सलियों ने ग्रामीण श्यामनाथ आंचला को उसके घर से अगवा कर लिया था। इसके बाद नक्सलियों ने जंगल में कथित रूप से जन अदालत लगाई और ग्रामीण की गोली मारकर हत्या कर दी। घटना स्थल से नक्सली पर्चे भी बरामद हुए थे। इन पर्चों में श्यामनाथ आंचला और उसके पिता पर पुलिस मुखबिरी करने का आरोप लगाया गया था।
कई धाराओं में दर्ज किया गया था मामला
घटना के बाद कांकेर पुलिस ने आरोपी नक्सली पीलूराम और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC), आर्म्स एक्ट और यूएपीए (Unlawful Activities Prevention Act) की धाराओं के तहत कार्रवाई की थी। मामले की जांच के बाद प्रकरण को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
संयुक्त अभियान में पकड़ा गया था आरोपी
पुलिस के अनुसार आरोपी पीलूराम आंचला को मई 2023 में सुरक्षा बलों की संयुक्त कार्रवाई के दौरान गिरफ्तार किया गया था। बीएसएफ और डीआरजी की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को दो अन्य लोगों के साथ पकड़ा था। गिरफ्तारी के दौरान आरोपियों के पास से वॉकी-टॉकी, माओवादी साहित्य, पत्र और नकदी बरामद होने की जानकारी दी गई थी।
अदालत ने सुनाई उम्रकैद की सजा
मामले की सुनवाई भानुप्रतापपुर स्थित विशेष सत्र न्यायालय में हुई। बुधवार को विशेष सत्र न्यायाधीश दीपक के. गुप्ता की अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी पीलूराम आंचला उर्फ सालिक राम को दोषी माना। अदालत ने आरोपी को आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई है।
नक्सल हिंसा के मामलों में कार्रवाई जारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नक्सल हिंसा और आम नागरिकों के खिलाफ अपराधों में शामिल आरोपियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। सुरक्षा बलों और पुलिस की ओर से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अभियान चलाकर आरोपियों की गिरफ्तारी और न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है।
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